सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

2 मार्च से 4 दिवसीय बाबा मटेश्वर महोत्सव, पहली बार हो रहा है, राजकीय महोत्सव, महोत्सव में लगेगा ख्यातिप्राप्त कलाकारों का संगम।


सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा।
सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के प्रसिद्ध मटेश्वर धाम कांठो बलवाहाट मंदिर परिसर में आगामी 2 मार्च से चार दिवसीय बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव आयोजन का आगाज होगा। यह निर्णय गुरुवार को मटेश्वर धाम परिसर में आयोजित बैठक में अनुमंडल प्रशासन एवं न्यास समिति सदस्य के महत्पूर्ण बैठक में लिया गया। बाबा मटेश्वर धाम परिसर में आज पहला ऐसा ऐतिहासिक मौका था, जहां राज्य स्तरीय बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव की विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ अनीषा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से राज्य स्तरीय मानक के अनुसार महोत्सव की तैयारी की नींव रखी गई। मौके पर एसडीओ ने कहीं  कि राज्य स्तरीय बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव को लेकर कला संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा आवंटन प्राप्त हुआ है। इसके आलोक में राज्य स्तरीय उम्दा कलाकारों का समागम बाबा मटेश्वर की धरती पर होगा। उन्होंने कहीं कि मटेश्वर धाम में कला एवं संस्कृति के स्वस्थ मनोरंजन के माध्यम से बाबा मटेश्वर की गरिमामई ख्याति को बिहार ही नहीं बल्कि देश में भी उजागर किया जाएगा। 
बैठक में पूर्व विधायक एवं न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार ने सर्वप्रथम बाबा मटेश्वर धाम की गरिमामई महत्ता एवं संस्कृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विगत 2 वर्षों से चार दिवसीय महोत्सव का कार्य न्यास समिति के द्वारा किया जा रहा है। आज हमें सुखद एहसास हो रहा है कि बिहार सरकार के कला संस्कृति मंत्रालय के द्वारा बाबा मटेश्वर धाम की महत्ता को देखते हुए महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसडीओ मोहतरमा ने आज यहां पहुंच कर हम लोगों को महोत्सव की तारीख की घोषणा कर उपकृत करने का कार्य किया है। ऐतिहासिक महोत्सव यह हम सभी का प्रयास है। लेकिन सीमित संसाधन में ख्याति प्राप्त कलाकार का कार्यक्रम राज्य स्तरीय एक दिन होना तय है। बावजूद हम सब उन्हें चल आ रही परंपरा के अनुसार तीन दिवसीय कार्यक्रम का आगाज न्यास समिति के बैनर तले किया जा रहा। भविष्य में बाबा मटेश्वर धाम की महत्ता एवं क्षेत्र के लोगों के उम्मीद के अनुसार सरकार से चार दिवसीय राज्यस्तरीय महोत्सव किए जाने की मांग की जाएगी। बैठक के बाद महोत्सव स्थल का भी निरीक्षण किया गया।
ख्याति प्राप्त कलाकार का सागम:
बैठक में मुख्य रूप से कम समय को देखते हुए आनन फानन में राज्यस्तरीय ख्याति प्राप्त कलाकार प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा एवं मैथिली ठाकुर की गरिमामई कार्यक्रम पर चर्चा चर्चा चलीं। जिसकी भागीदारी सुनिश्चित करने करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
1 दिन कार्यक्रम:
बाबा मट्टेश्वर धाम महोत्सव के पहले दिन शिव पार्वती विवाह, पूजा अर्चना, अष्टयाम एवं शिव पार्वती के विवाह के उपलक्ष में महिलाओं द्वारा विवाह एवं मंगल गीत कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। अष्टयाम में पड़ोसी देश नेपाल के महिला टोली के द्वारा रामधुनी संकीर्तन का आयोजन।
दूसरे दिन:
बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग के द्वारा राज्य स्तरीय बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव के अवसर पर देश के ख्याति प्राप्त कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन। इसी दिन महोत्सव में सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के प्रतिभा संपन्न कलाकारों को इस मंच के माध्यम से प्रतिभा को निखारने का भी मौका दिया जाएगा। सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े कलाकार इस मंच को साझा कर अपनी प्रतिभा का परचम फहरा सकते हैं। इसके लिए एसडीओ एवं न्यास समिति के द्वारा मनोनीत अधिकारी के द्वारा इंट्री कर सकते हैं। एक तरह से सिमरी बख्तियारपुर के प्रतिभा के धनी युवा कलाकारों के निखारने का एक मंच के रूप में भी देखा जा रहा है।
तीसरे एवं चौथे दिन:
तीसरे एवं चौथे दिन का महोत्सव पूर्णतः न्यास समिति के द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस दो दिनोंं के कार्यक्रम में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के चुनिंदा कलाकारों के द्वारा गीत, संगीत, नृत्य, भाव नृत्य, झांकी एवं शंखनाद आदि कला का प्रदर्शन किया जाएगा। इन कलाकारों के द्वारा चर्चित प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं दिलीप दरभंगिया के कार्यक्रम के लिए संपर्क साधा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ इस बैनर के रचना झा, आयुष्मान शेखर, रोशन झा, प्रियांशी झा, प्रकाश झा, पप्पू पंकज, जूली झा, माधव राय, अरविंद सिंह, पूनम मिश्रा सहित हास्य कलाकार राधे भाई का लगभग संपर्क हो चुका है। या कलाकार अपनी सुरमई आवाज की बदौलत बाबा मटेश्वर महोत्सव की जान बनेंगे।
महोत्सव में उद्घाटन सत्र:
बैठक में राज्य स्तरीय 2 मार्च को होने वाली महोत्सव में सुबह के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आमंत्रण किया जाएगा। इसके अलावा कला संस्कृति एवं युवा मंत्री आलोक झा, मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव, खगरिया सांसद चौधरी महबूब अली कैसर, क्षेत्रीय विधायक युसूफ सलाउद्दीन, पूर्व विधायक सहित जिले एवं प्रमंडल के तमाम अधिकारी को आमंत्रित किए जाने पर भी विचार विमर्श किया गया है। 
उपस्थिति:
बैठक में बीडीओ डा.अमित कुमार, सीओ कृष्ण कुमार सिंह, बलवाहाट ओपी अध्यक्ष ओपी अध्यक्ष अजीत कुमार न्यास समिति के उपाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह, सचिव जगधर यादव, डाक एवं काँवरिया संघ अध्यक्ष मुन्ना भगत, कृतनारायण राय, जितेंद्र सिंह बघेल, विनोद सिंह, रामप्रवेश राय, रामोतार यादव, धर्मवीर सिंह, कृष्ण कन्हैया, उच्च दीपक सिंह, भोलेन्द्र राय, सौरभ कुमार, सिकेन्द्र साह, रतन मिश्रा, रोशन मिश्रा आदि सहित अन्य लोग मौजूद थे।
प्राधिकृत किए गए पदाधिकारी:
बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव को लेकर सहरसा के डीएम ने ज्ञापांक 330 के अनुसार सिमरी बख्तियारपुर के एसडीओ अनीषा सिंह को बाबा मटेश्वर धाम महोत्सव के आयोजन हेतु प्राधिकृत अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि स्वीकृत राशि के अनुरूप महोत्सव का आयोजन मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष, सदस्य एवं अन्य संबंधित सामाजिक कार्यकर्ता से समन्वय स्थापित करते हुए, ससमय महोत्सव का आयोजन कराया सुनिश्चित करेंगे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दशहरे की सुनहरी यादें : बचपन का एक संस्मरण

 सिमरी बख्तियारपुर,(सहरसा)। सीताराम प्रसाद गुप्ता  समय की धारा बहुत कुछ बहा ले जाती है, लेकिन कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवनभर मन की गहराइयों में तैरती रहती हैं। आज भी जब दुर्गा पूजा के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप सुनाई देती है और हवा में अगरबत्ती की सुगंध घुलती है, तो मेरा मन बरबस पचास वर्ष पीछे लौट जाता है। बचपन का वह सुनहरा समय, जब दशहरा केवल पर्व नहीं बल्कि जीवन का उत्सव हुआ करता था। पिता की दुकान और पूजा का माहौल: मेरे पिता जी की प्रसिद्ध दुकान उस समय इलाके की बड़ी दुकानों में गिनी जाती थी। दुकान का नाम मेरे दादाजी एवं पिताजी के नाम से अमृतलाल सुभूक लाल फार्म का नाम हुआ करता था। इस दुकान में थोक एवं खुदरा किराने की दुकान हुआ करती थी। दशहरा के पूर्व के दुकान का दृश्य अद्भुत होता। —अगरबत्तियों की खुशबू, नारियल, खाद्य सामग्री, तेल, डालडा की न बिक्री जोरों से होती थी। एवं ग्राहक की माँग पूरी करते। हम चारों भाई नन्हें-नन्हें कदमों से दुकान पर चक्कर लगाते रहते। एवं ग्राहकों की भीड़ एवं चहल-पहल को देख विस्मित हो जाते। यह सब हमारे लिए किसी जादुई दुनिया जैसा था। बैलगाड़ी की सजा...

95.2 प्रतिशत अंक लाकर सृष्टि केसरी ने बढ़ाया सिमरीबख्तियारपुर का मान

 सिमरीबख्तियारपुर, सहरसा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इंटरमीडिएट परीक्षा में नगर परिषद क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा सृष्टि केसरी ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन कि या है। सृष्टि की इस शानदार सफलता से पूरे सिमरीबख्तियारपुर सहित आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही परिवार एवं शुभचिंतकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि सृष्टि शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही है तथा उसने लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उसकी इस सफलता पर स्वजन, रिश्तेदार एवं आसपास के लोग घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। लोगों ने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। सृष्टि के पिता कंचन कुमार केसरी एवं माता मनीषा देवी ने बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, लगन एवं आत्मविश्वास के कारण सृष्टि ने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि बेटी की उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से य...

ज्ञानस्थली का 9 वां स्थापना दिवस आयोजित ज्ञानस्थली ने ग्रामीण इलाके में शिक्षा का अलख जगाया: पीयूष

 सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद स्थित ज्ञानस्थली विद्यानिकेतन ने अपना 9 वां  स्थापना दिवस मनाया। मौके पर संस्थान द्वारा सांसकृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ प्रियनंदन प्रसाद, स्नेह सौरभी, मुंबई से आएं श्याम शाह, अमित कुमार, निरंजन गुप्ता एवं अन्य लोगों ने किया। इस अवसर पर डॉ प्रिय नंदन प्रसाद ने कहा कि ने कहा कि बच्चों को संस्कारवान, अनुशासित और अच्छे तरीके से शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे बच्चों में शिक्षा की नींव मजबूत हो सके।  स्नेह सौरभी ने कहा कि बच्चों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए बच्चों को शुरू से ही अच्छी शिक्षा दी जानी चाहिए, जिसमें आप सभी शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए। वहीं जन सुराज के जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष प्रसाद ने कहा कि ज्ञानस्थली विद्यानिकेतन में 9वां स्थापना दिवस एवं वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस तरह के आयोजन से बच्चों में सांसकृतिक एवं कलात्मक गुणों का विकास होता है। हम श्री अमित कुमार एवं समस्त ज्ञानस्थली परिवार को साधुवाद देता हूं और बधाई देता हूं...