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जो कभी हार नहीं मानता वही बिहारी कहलाता है: सुदर्शन गौतम

 सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा।



सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा।

अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर  संकुल संसाधन केंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय कबीरा में बिहार राज्य के 111वें स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार के अंतिम दिन समाप्त हो गया। इस दिवस में मध्य विद्यालय रैठी समेत संकुल संसाधन केंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय कबीरा अंतर्गत सभी विद्यालय के छात्र छात्रा कार्यक्रम में भाग लिया। बिहार दिवस का उद्घाटन बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ सलखुआ के प्रखंड अध्यक्ष सह संकुल समन्वयक सुदर्शन कुमार गौतम ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस  कार्यक्रम में जल जीवन से संबंधित वाद -विवाद कार्यक्रम, पेंटिंग, खेल प्रतियोगिता, प्रभात फेरी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के समापन के मौके पर शिक्षक नेता सुदर्शन कुमार गौतम ने शिक्षक, शिक्षिका, छात्र-छात्रा एवं अभिभावक को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार दिवस की महत्ता पर कई महत्वपूर्ण जानकारी दी एवं बताया कि बिहार से उड़ीसा 1 अप्रैल 1936 को अलग हुआ था, एवं बिहार से झारखंड 15 नवंबर 2000 ईस्वी में अलग हुआ था। छात्र छात्राओं को बताया कि 22 मार्च यानी आज के ही दिन 1912 ईस्वी में बिहार को बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग राज्य बनाया गया था। इसलिए हर साल राज्य सरकार के द्वारा 22 मार्च को ही बिहार दिवस मनाया जाता है। बिहार में धार्मिक योगदान के साथ-साथ आध्यात्मिक और संस्कृति की काफी महत्ता रही है। उन्होंने कहा कि इसके गौरवशाली अतीत पर गौरवान्वित हैं, हम अपनी पहचान और अस्मिता को बिहार दिवस पर जल जीवन हरियाली पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। अंत में कार्यक्रम को समापन करते हुए प्रतियोगिता में पहला, दूसरा, तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। मौके पर प्रधानाध्यापक शिवकुमार, सुनील  पासवान, चंदेश्वरी यादव, मिथिलेश पासवान, नरेश पासवान, चिम चिम कुमारी,  अमित, अनुप्रिया, परमानंद कुमार, राजेश, नवनीत, शंकर, प्रमोद, गुरुदेव, अरुण, नीरज, आलोक, अजय, कंचन, भारती, सुप्रिया, विनीता, अनीता आदि सहित अन्य उपस्थित थे।

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