सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रसिद्ध श्रावणी मटेश्वर महोत्सव सम्पन्न, किया गया स्मारिका का विमोचन

 सिमरी बख्तियारपुर, सहरसा।

सिमरी बख्तियारपुर के प्रसिद्ध मटेश्वर धाम कांठो बलवा हाट में 4 दिवसीय 26 वां श्रावणी मटेश्वर महोत्सव रविवार की रात कई यादगार कार्यक्रम के साथ संपन्न हो गया। रविवार की रात 162 कांवड़ को 26 सौ दीपों से सजा कर दीपावली मनाई गई। वहीं रात में मैया जागरण के कार्यक्रम में श्रद्धालु को झूमने पर मजबूर कर दिया। वही मुख्य आकर्षण मटेश्वर महोत्सव में पहली बार स्मारिका का विमोचन अतिथियों के द्वारा किया गया। 

उद्घाटन:


श्रावणी मटेश्वर महोत्सव का उद्घाटन पूर्व विधायक एवं न्यास समिति के अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार, एसडीओ अनीषा सिंह, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी केशव गोयल, प्रखंड प्रमुख प्रमुख शबनम कुमारी, पुष्पलता देवी, जगधर यादव, डाक एवं कांवरिया  संघ के अध्यक्ष मुन्ना भगत आदि ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।

स्मारिका का विमोचन:

उद्घाटन सत्र के बाद 26 वां श्रावणी मटेश्वर महोत्सव 2022 का स्मारिका का विमोचन अतिथियों के द्वारा किया गया। मौके पर पूर्व विधायक ने संबोधित करते हुए कहा कि आज 26 मार्च श्रावणी मटेश्वर महोत्सव का समापन का दिन है। आज पहली बार यहां के युवाओं के सहयोग से स्मारिका का विमोचन किया जा रहा है। स्मारिका कई मायने में आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जानकारी होगी। बाबा के इतिहास को व्यवस्थित रूप से संजोया गया है। इसके लिए संपादक एवं सहयोगी मंडल सहित लेखकों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने मुन्ना भगत सहित उनकी टीम को साधुवाद दिया, कि वे सभी बाबा मटेश्वर महादेव का अलख वर्षों से जगा रहें हैं। सिमरी बख्तियारपुर एसडीओ ने कहीं की आज का दिन कई मायने में इतिहासिक है। 162 फीट कांवड़ यात्रा अद्भुत एवं अलौकिक है। स्मारिका में लिखे लेख कोसी क्षेत्र के इतिहास के विद्यार्थी के लिए शोध का विषय बनेगा। वहीं नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि यहां के श्रद्धालुओं का प्रयास किया बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने 162 फीट कांवड़ यात्रा का अद्भुत नजारा भी देखने को मिला। साथ ही डाक कांवरिया संघ मटेश्वर धाम के द्वारा स्मारिका का भी विमोचन भी किया गया है। पन्ने को पलटा काफी ऐतिहासिक जानकारी मिली। संपादक एवंं सहयोगी सहित लेखकों को साधुवाद किया गया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन डाक कांवरिया संघ मटेश्वर धाम के अध्यक्ष मुन्ना भगत ने चार दिवसीय श्रावणी मटेश्वर महोत्सव में दिन रात योगदान देकर सफल बनाने वाले सभी लोगों को तहे दिल से धन्यवाद दिया। एवं आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर अतिथियों को पाग एवं चादर से सम्मानित भी किया गया।

162 फीट कांवड़:


मटेश्वर धाम मंदिर परिसर में 162 फीट कांवड़ को रात में पूजा अर्चना की गई। एवं कांवड़ के चारों तरफ 26 सौ दीप जलाकर कर महिलाएं मटेश्वर बाबा की भक्तिमई गीत गाती रही। दीप प्रज्वलन से समूचा मंदिर परिषद अलौकिक छटा बिखेर रहा था। संपूर्ण परिसर दीपावली के दीप जैसा नजर आ रहा था।

भैया जागरण एवं झांकी:


मैया जागरण एवं झांकी में कोलकाता की सचिव की टीम ने एक से बढ़कर एक झांकी की प्रस्तुति कर संपूर्ण दर्शकों को भक्ति भावना से सराबोर कर दिया। शिव तांडव से लेकर शिव आधारित नृत्य पर श्रद्धालु  मंत्रमुग्ध हो गए। वहीं गुड़िया रानी ने अब हमसे न भंगिया पिसाई ये गणेश के, हम नैहयर जाता बानी..., मैया का प्यार मिला है..., आएंगे भोले बाबा, दिल से बुला कर देख...., आदि गाने पर दर्शक झुमने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा गुड्डू बाबा ने भी गीतों को सराहा गया।

सक्रिय योगदान:

इस महोत्सव का अध्यक्षता एसडीओ अनीशा सिंह ने की एवं मंच संचालन मुक्तेश्वर मुकेश ने  किया। मौके पर स्मारिका के संपादक कन्हैया जी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मटेश्वर महोत्सव की स्मारिका का संपादक के रूप में कार्य किए जाने का अनुभव काफी आध्यात्मिक रहा। बाबा की कृपा से स्मारिका पूर्ण हो पाया है। स्मारिका के संपूर्ण प्रबंधन में कृष्ण कन्हैया एवं सौरव कुमार का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। महोत्सव के मौके पर शिवेन्द्र पौद्दार, सिकेंन्द्र साह, विनोद साह,  सत्यनारायण सिंह,बिजली सिंह, मुखिया भोलेन्द्र राय, विनय यादव, रणवीर यादव, रामोतार यादव, धर्मवीर सिंह, दीपक सिंह, रामप्रवेश राय, बमबम गुप्ता, सुनील फाइटर, टुनटुन सिंह, गोविंद, नीरज, अनिल यादव, संजीत शर्मा, आला बाबा, सुभाष बाबा, नथूनी बाबा, मदन बाबा, कृष्ण कन्हैया, सौरभ कुमार, अरविंद्र यादव सहित अन्य मौजूद थे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दशहरे की सुनहरी यादें : बचपन का एक संस्मरण

 सिमरी बख्तियारपुर,(सहरसा)। सीताराम प्रसाद गुप्ता  समय की धारा बहुत कुछ बहा ले जाती है, लेकिन कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवनभर मन की गहराइयों में तैरती रहती हैं। आज भी जब दुर्गा पूजा के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप सुनाई देती है और हवा में अगरबत्ती की सुगंध घुलती है, तो मेरा मन बरबस पचास वर्ष पीछे लौट जाता है। बचपन का वह सुनहरा समय, जब दशहरा केवल पर्व नहीं बल्कि जीवन का उत्सव हुआ करता था। पिता की दुकान और पूजा का माहौल: मेरे पिता जी की प्रसिद्ध दुकान उस समय इलाके की बड़ी दुकानों में गिनी जाती थी। दुकान का नाम मेरे दादाजी एवं पिताजी के नाम से अमृतलाल सुभूक लाल फार्म का नाम हुआ करता था। इस दुकान में थोक एवं खुदरा किराने की दुकान हुआ करती थी। दशहरा के पूर्व के दुकान का दृश्य अद्भुत होता। —अगरबत्तियों की खुशबू, नारियल, खाद्य सामग्री, तेल, डालडा की न बिक्री जोरों से होती थी। एवं ग्राहक की माँग पूरी करते। हम चारों भाई नन्हें-नन्हें कदमों से दुकान पर चक्कर लगाते रहते। एवं ग्राहकों की भीड़ एवं चहल-पहल को देख विस्मित हो जाते। यह सब हमारे लिए किसी जादुई दुनिया जैसा था। बैलगाड़ी की सजा...

95.2 प्रतिशत अंक लाकर सृष्टि केसरी ने बढ़ाया सिमरीबख्तियारपुर का मान

 सिमरीबख्तियारपुर, सहरसा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इंटरमीडिएट परीक्षा में नगर परिषद क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा सृष्टि केसरी ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन कि या है। सृष्टि की इस शानदार सफलता से पूरे सिमरीबख्तियारपुर सहित आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही परिवार एवं शुभचिंतकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि सृष्टि शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही है तथा उसने लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उसकी इस सफलता पर स्वजन, रिश्तेदार एवं आसपास के लोग घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। लोगों ने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। सृष्टि के पिता कंचन कुमार केसरी एवं माता मनीषा देवी ने बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, लगन एवं आत्मविश्वास के कारण सृष्टि ने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि बेटी की उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से य...

दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है, दुर्गा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

 सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा) सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा पूजा का पर्व पूरे हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। मां दुर्गा मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। नगर परिषद क्षेत्र के मुख्य बाजार स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, स्टेशन परिसर और पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में मेला जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी दुर्गा स्थान पर संगमरमर से स्थापित प्रतिमा आकर्षक सजावट के साथ श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। वहीं स्टेशन परिसर और पुरानी बाजार में कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ प्रतिमाओं के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए लगातार उमड़ रही है। साथ ही विभिन्न पूजा समितियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।  रेलवे दुर्गा स्थान पर ग्रामीण नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। सिर्फ नगर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि प्रखंड के अष्टभुजा दुर्गा मंदिर सरोजा, मटेश्वर धाम कांठो, भोटि...