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अप्रैल, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

वीर कुंवर सिंह के आदर्श को अपनाएं: सुदर्शन गौतम

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड के पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर फरकिया दियारा में बुधवार को बाबू वीर कुंवर सिंह जी के जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया। समारोह मध्य विद्यालय रैठी में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ सलखुआ के प्रखंड अध्यक्ष सह चिड़ैया संकूल समन्वयक सुदर्शन कुमार गौतम के नेतृत्व में मनाया गया। मौके पर शिक्षक नेता के साथ स्कूल के छात्र छात्रा, शिक्षक -शिक्षिका एवं अभिभावकों ने सर्वप्रथम बाबू वीर कुंवर सिंह के चित्र पर विधिवत माल्यार्पण के बाद दीप जलाते हुए विजयोत्सव दिवस के रूप में मनाया। मौके पर शिक्षक नेता ने बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवनी पर  प्रकाश डालते हुए कहा कि 1857 की क्रांति में बाबू वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों को खदेड़कर अपना झंडा फहराया था। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। वीर कुंवर सिंह जयंती हर साल 23 अप्रैल को मनाई जाती है। बावू वीर कुंवर सिंह जी प्रथम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाही एवं महानायक थें। वीर कुंवर सिंह 1857 की क्रांति के एक प्रमुख सेनापति थे। एवं बिहार में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड...

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह थें: रामकृष्ण साह

 सहरसा: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती विजय दिवस सहरसा स्थित स्थित वीर कुंवर सिंह चौक पर समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर वैश्य समाज के कार्यकताओं ने वीर कुंवर सिंह चौक पर पहुंच कर बाबू कुंवर सिंह की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया। यह कार्यक्रम वैश्य समाज सहरसा के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण साह उर्फ मोहन साह के नेतृत्व में किया गया। मौके पर वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष  रामकृष्ण साह उर्फ मोहन साह ने कहा कि 1857 से पहले भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह की कृति आज भी लोगों के स्मृतियों में है। अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले वीर कुंवर सिंह अपनी वीरता के लिए जाने जाते हैं। 80 साल की उम्र में भी उन्होंने जो हिम्मत एवं साहस का परिचय दिया। वह इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है। बाबू वीर कुंवर सिंह के अंदर नेतृत्व की अद्भुत क्षमता थी। 80 साल की उम्र में दुश्मनों से लड़ने और जीत हासिल करने की जरूरत के लिए जाना जाते थे। वे आज भी अजर अमर है। उनके कृतित्व से आज की युवाओं को सीख लेनी चाहिए। वही वैश्य स...

सुशांत के यूपीएससी की सफलता पर दिया बधाई, कहा: सुशांत ने सिमरी बख्तियारपुर का नाम ऊंचा किया

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। सिमरी बख्तियारपुर के लाल सुशांत कुमार के तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के उपरांत मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि रितेश रंजन ने सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के मोहम्मदपुर पंचायत के मोरकाही स्थित सुशांत के पैतृक आवास पर पहुंचकर बधाई दी है। मौके पर सांसद प्रतिनिधि ने सुशांत के दादा योगेंद्र नारायण यादव को माला पहनाकर कर स्वागत किया। एवं कहा की सुशांत ने सिमरी बख्तियारपुर का नाम में रोशन किया है। मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। उन्होंने कहा कि सुशांत ने अपनी प्रतिभा एवं कड़ी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। यह सिमरी बख्तियारपुर के लिए गौरव की बात है।

सिमरी बख्तियारपुर का लाल सुशांत ने यूपीएससी में लहराया सफलता का परचम, बधाई देने वालों का लगा तांता।

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। सिमरी बख्तियारपुर के लाल सुशांत कुमार ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के मोहम्मदपुर पंचायत के मोरकाही गांव निवासी केनरा बैंक में मुख्य प्रबंधक शंभू कुमार एवं गृहणी माता कामिनी देवी का एकलौता पुत्र सुशांत कुमार बचपन से ही मेधावी छात्र रहे। सुशांत की प्रारंभिक शिक्षा पटना में हुई। एवं उच्च शिक्षा वर्ष 2020 में आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। तत्पश्चत हैदराबाद में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में अच्छे पैकेज पर लगभग डेढ़ वर्ष तक बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में सेवा दिया। सुशांत के माता-पिता बताते हैं कि इंजीनियरिंग करने के बावजूद भी सुशांत को प्रशासनिक सेवा में जाने की जुनून बना रहा। एवं घर पर ही रहकर यूपीएससी की तैयारी करता रहा। घर पर अपनी पढ़ाई ऑनलाइन मोड में करता थ। सुशांत तीन भाई बहनों का इकलौता भाई है। बड़ी बहन श्वेता सबसे छोटी बहन अदिति है। छोटी बहन भी पढ़ाई में तेज है। एवं भागलपुर में मेडिकल में अंतिम वर्ष की छात्रा है। सुशांत ने बताया कि मेरे माता-पिता एवं दाद...

पूर्वी भारत को मिला नमो भारत ट्रेन के रूप में एक ऐतिहासिक उपहार,समस्तीपुर मंडल और मिथिला क्षेत्र को मिलने जा रहा है पूर्वी भारत का पहला नमो भारत ट्रेन,एक नया युग, एक नई शुरुआत।

समस्तीपुर: पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल एवं ऐतिहासिक मिथिला क्षेत्र के लिए यह एक गर्व का क्षण है, जब उन्हें देश की तीसरी और पूर्वी भारत की पहली नमो भारत ट्रेन के रूप में एक विशेष उपहार मिलने जा रहा है। यह अत्याधुनिक ट्रेन न केवल इस क्षेत्र की राजधानी पटना से कनेक्टिविटी को नई गति देगी, बल्कि यात्रियों को एक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगी। मुख्य विशेषताएं जो नमो भारत ट्रेन को बनाती हैं विशेष: 1 उच्च गति और कुशल संचालन: नमो भारत ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किमी/घंटा है। यह इसे भारत की अर्ध-उच्च गति ट्रेन सेवा बनाती है, जो लंबी दूरी को बहुत कम समय में तय कर सकती है। 2 आरामदायक और सुरक्षित यात्रा अनुभव: इस ट्रेन में यात्रियों के लिए हल्के, गद्देदार सीटें, ऑटोमैटिक दरवाजे, सीसीटीवी कैमरे, और 'कवच' टक्कर रोधी प्रणाली जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएँ उपलब्ध हैं। 3.आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत सुविधाएं: •एल्यूमीनियम लगेज रैक •एलसीडी डिस्प्ले सूचना प्रणाली •मोबाइल चार्जिंग सॉकेट •डिफ्यूज एलईडी लाइटिंग •वा...

अलकतरा से लदा ट्रैक्टर में लगा आग, धंटो मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू।

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के चकभारो पंचायत के प्राथमिक विद्यालय लगमा के परिसर में अलकतरा से लदी एक ट्रैक्टर में रविवार को दोपहर बाद आग लग गयी। आग लपट इतनी भीषण थीं कि दो दो दमकल से आग बुझाने का प्रयास विफल रहा। आग तब ही कम हुआ, जब पूरा अलकतरा जल गया एवं कुछ ग्रामीण खेत से मिट्टी को काटकर ट्रैक्टर के डाला में दिया। हालांकि आग का तपिश इतना ज्यादा था कि लोग दूर से ही प्रयास कर रहे है। तत्पश्चात ट्रैक्टर के इंजन को पानी से भिगाया गया। ताकि इंजन में आग लगने के बाद इंजन ब्लास्ट ना कर जाए। फिर दमकल कर्मी एवं स्थानीय लोग पूरी ताकत से आग बुझाने के धंटो बाद आग पर काबू पाया गया।  आग की लपटे इतनी तेज थी कि एक किलोमीटर से ही बड़ा बड़ा काला धुंआ आसपास के लोगों को दिख रहा था। लगभग एक घंटे काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि सोनबर्षा राज प्रखंड के लगमा गांव से एक व्यक्ति का ट्रैक्टर है। जिन पर अलकतरा भरा था, चकभारो जा रही था की लगमा गांव में ही अचानक ट्रैक्टर के डाला में आग लग गया। किसी तरफ बस्ती से ट्रैक्टर लेकर स्कूल प्रांगण मे...

मिथिला अधिकार युवा सम्मेलन को लेकर बाबा मट्टेश्वर धाम परिसर में बैठक।

सिमरी बख्तियारपुर, ( सहरसा)। आगामी मिथिला अधिकार युवा सम्मेलन  27 अप्रैल 2025  की तैयारी को लेकर आज रविवार को मिथिलावादी युवाओ ने सिमरी बख्तियारपुर के मटेश्वर धाम मन्दिर प्रांगण  में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांगठनिक पदाधिकारियों ने  उत्साहपूर्वक भाग लिया।बैठक की अध्यक्षता मिथिलावादी नेता विद्या भूषण तथा संचालन प्रदेश सचिव नवीन साहनी ने किया। बैठक में आगामी सम्मेलन की तिथि, स्थान, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा युवा सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।  यह सम्मेलन मिथिला क्षेत्र के विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण, रोजगार के अवसरों और संवैधानिक अधिकारों को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सम्मेलन को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए हर पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ा जाएगा। बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव रतन मिश्रा ,प्रवक्ता टिंकू, नारायण मिश्रा,कुंदन सिंह ,सौरभ सिंह , मो सलाम , बब...

डॉ अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार: पियूष प्रसाद

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। नगर परिषद् क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई गई। माल गोदाम स्थित जनसुराज कार्यालय में भी पार्टी के स्थानीय नेताओं द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष प्रसाद ने बताया कि डॉ अंबेडकर का नाम सुनते ही भारत के संविधान, सामाजिक न्याय और समानता की भावना हमारे मन में जाग उठती है। 14 अप्रैल का यह दिन केवल एक व्यक्ति की जन्मतिथि नहीं बल्कि एक विचार, एक क्रांति का प्रतीक है। डॉ अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। उन्होंने भारत के संविधान की रचना करते समय यह सुनिश्चित किया कि देश के प्रत्येक नागरिक को चाहे वो किसी भी जाति धर्म भाषा या वर्ग से हो समानता न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त हो। उनका संविधान आज भी हमारा सबसे मजबूत लोकतांत्रिक आधार है। डॉ. अंबेडकर का जीवन सिर्फ शिक्षा या संविधान तक सीमित नहीं था, वह एक सामाजिक क्रांतिकारी थे। उन्होंने जीवनभर छुआछूत जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया। उन्होंने दलितों महिलाओं और वंचितों को आत्मसम्मान और अधिकार दिलाने के लिए अनेक आंद...

बाबा साहेब शोषित दलितों एवं पिछड़े वर्गों को अधिकार दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही है: सुदर्शन गौतम

सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)। अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड अंतर्गत पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर दियारा में मध्य विद्यालय रैठी में भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर संकुल समन्वयक सह प्रखंड अध्यक्ष बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ सलखुआ के सुदर्शन कुमार गौतम ने कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर एवं बाबा साहब अंबेडकर के तेलिय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। मौके पर उन्होंने छात्र- छात्राओं एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि भीमराव रामजी आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में हुआ था। बाबासाहब आम्बेडकर नाम से लोकप्रिय, भारतीय बहुज्ञ, विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं समाजसुधारक थे। श्रमिकों, किसानों एवं महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किए थे। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री, भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अम्बेडकर जी ने गरीब एवं पिछड़े लोगो को मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया। अंबेडकर जी सभी को समानता का अधिकार दिए। एवं समाज को एक सूत्र में बाधने का काम किए। इससे पूर्व मध्य व...