Headlines
Loading...
देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कोपरिया की धरती से किया श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कोपरिया की धरती से किया श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

 सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा)।

अनुमंडल के सलखुआ प्रखंड के कोपरिया गांव में बुधवार को आयोजित नौ दिवसीय विशाल 108 कुंडीय श्रीविष्णु महायज्ञ का देश के प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने साधु संतों के साथ दीप प्रज्वलित कर कथा का शुभारंभ किया। वहीं 108 हवन कुंड यज्ञ की आहुति से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। पूज्य श्री महाराज ने सबसे पहले आरती के साथ सभी भक्तों को साधुवाद देते कथा की शुरुआत की। उन्होंने कहा जब अनंत पुण्य का उदय होता है, तब हमें श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का अवसर प्राप्त होता है। यह अवसर स्वयं भगवान की कृपा से मिलता है, क्योंकि जब व्यक्ति का मन एवं हृदय शुद्ध होते हैं, तभी वह आध्यात्मिकता एवं धर्म की ओर आकर्षित होता है। आज सनातनी अपने धर्म और संस्कृति पर होने वाले आघातों को देखकर भी मौन रहते हैं। वे यह नहीं समझते कि यदि हम अपने धर्म, संस्कृति और देश की रक्षा के लिए आवाज़ नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियाँ इसका गंभीर परिणाम भुगतेंगी। 

जो लोग अन्याय और अधर्म को देखकर भी चुप रहते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी पहचान और मूल्यों को खो देते हैं। उन्होंने कहा कि सत्संग का सीधा अर्थ है "सत्" अर्थात सच्चे एवं शुभ विचारों का संग करना। जब हम संतों, महापुरुषों एवं धर्मग्रंथों की बातों को सुनते हैं, तो हमारा विवेक जागृत होता है। सत्संग करने से व्यक्ति की बुद्धि शुद्ध होती है। वह अपने जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि आज युवा अपना कीमती समय आध्यात्मिक गतिविधियों, सत्संग, एवं परिवार के साथ बिताने के बजाय मोबाइल एवं सोशल मीडिया पर व्यर्थ कर रहे हैं। युवाओं को चाहिए कि वे मोबाइल और आभासी दुनिया की लत को छोड़कर अपने परिवार, समाज और देश के प्रति उत्तरदायी बनें। "धर्मो रक्षति रक्षितः" अर्थात जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। यही कारण है कि हमें रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि जब अनंत पुण्य का उदय होता है, तब हमें श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करने का अवसर प्राप्त होता है। यह अवसर स्वयं भगवान की कृपा से मिलता है, क्योंकि जब व्यक्ति का मन और हृदय शुद्ध होते हैं, तभी वह आध्यात्मिकता और धर्म की ओर आकर्षित होता है। वहीं 109 देवी देवताओं की स्थापित प्रतिमा दर्शन को भीड़ जुट रही है। अयोध्या से आये रामलीला मंडली द्वारा रात्रि से रासलीला किया जाएगा। कोपरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राकेश कुमार उर्फ भिनसी यादव ने श्रद्धालुओं से कथा शुभारंभ 2 बजे से पूर्व कथा पंडाल में पहुंच कर अपना स्थान ग्रहण करने की अपील की है। 



0 Comments: