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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर, वैश्य समाज सहरसा ने दी श्रद्धांजलि, जिला अध्यक्ष मोहन साह ने कहा प्रणब दा के मौत से देश को क्षति।

  1. सहरसा,@

  2. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते वैश्य समाज

  3. भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं विद्वान राजनेता प्रणवमुखर्जी जी के निधन पर आज वैश्य समाज सहरसा के द्वारा मीर टोला स्थित वैश्य समाज के कार्यालय मे श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया ।श्रद्धांजलि सभा मे पुष्प अर्पित करते हुए वैश्य समाज के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति के निधन से राष्ट्रीय राजनीति और सामाजिक जीवन की अपूरणीय क्षति है। आज देश करोना के बाद अभूतपूर्व आर्थिक संकट से जूझ रहा है तब उनका जाना अत्यंत पीड़ादायक है।उनका अनुभवजन्य ज्ञान देश के लिए अनमोल था। भाजपा के जिला प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश के राष्ट्रपति, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, वाणिज्य मंत्री और योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे थे। पांच दशक का लंबा बेदाग संसदीय जीवन, उसके बाद भी निरहंकारी व्यक्तित्व। इससे अधिक उपलब्धि किसी की झोली में नहीं है। फिर भी सहज, सरल, पढ़ने-लिखने और जानने की उत्सुकता। यह सबके लिए प्रेरणादायी है। वार्ड पार्षद संतोष मुगेंरी ने अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि पाँच दशकों से भारतीय राजनीति व सार्वजनिक जीवन में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले भारत रत्न श्री प्रणव मुखर्जी जी का देहांत एक युग का अंत है। प्रणव दा ने अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ी है जो आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी होगी। इस श्रद्धांजलि सभा मे जिला कोषाध्यक्ष संतोष कुमार लड्डू , मीडिया प्रभारी नीरज राम उर्फ सोनू गुप्ता ,मनोज मिलन , मुन्ना गुप्ता ,रंजीत चौधरी , कुदंन साह ,रामनाथ साह , रूपेश साह , सुरेंद्र साह ,कुलदीप शर्मा , अजय प्रसाद , गौरीशंकर पोद्दार आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि प्रणव दा ने भारतीय राजनीति की छह दशकों तक सेवा की। उन्हें भारतीय राजनीति का एनसाइक्लोपीडिया भी कहा जाता था। वे दलीय राजनीति से ऊपर स्थान रखते थे। हर दल के लोग उन्हें समान रूप से आदर देते थे। वे भी तमाम नेताओं को सम्मान देते थे। बतौर राष्ट्रपति व एक बेहतरीन राजनेता के तौर पर यह देश इस भारत रत्न को हमेशा याद रखेगा। भारतीय राजनीति के आधार स्तंभ में से एक के रूप में हमेशा याद रखे जाएंगे।

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