सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

फिल्मी दुनिया के लिए दुख की खबर, फिल्मी जगत के सुपरस्टार ऋषि कपूर की अब हमारे बीच नहीं रहे। चाहने वाले गम में डूबे।

ऋषि कपूर की मौत की जानकारी महानायक अमिताभ बच्चन ने सबसे पहले दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, वो चला गया, मैं अंदर से टूट गया हूं। आपको बता दें सितंबर 2018 में ऋषि कपूर अमेरिका गए थे। इसके बाद 3 अक्टूबर 2018 को ऋषि कपूर को कैंसर होने की खबर आई थी जिसे मीडिया से बात करते हुए उनके भाई रणधीर कपूर ने कंफर्म किया था।
ऋषि कपूर जीवनीः
ऋषि कपूर एक भारतीय फिल्म अभिनेता-निर्माता हैं। ऋषि कपूर अपने जमाने के चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते हैं। ऋषि कपूर एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते जिसने बॉलीवुड में बहुत ही महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है। ऋषि कपूर ने अपने फ़िल्मी करियर में सैकड़ों फ़िल्में की हैं। इस दौरान उन्होंने कई अवार्ड भी अपने नाम किये। साल 2008 में ऋषि कपूर को फिल्म फेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया। ऋषि कपूर अभी भी बॉलीवुड में एक सक्रिय अभिनेता हैं। 
 पृष्ठभूमिः
ऋषि कपूर का जन्म 4 सितम्बर 1952 को मुंबई के चेंबूर में हुआ। ऋषि कपूर बॉलीवुड के शो मैन यानी राज कपूर के मंझले बेटे हैं। ऋषि कपूर का निक नेम चिंटू हैं। ऋषि कपूर के दो भाई हैं।  रणधीर कपूर और राजीव कपूर और दोनो ही बॉलीवुड अभिनेता हैं।
पढ़ाईः
ऋषि कपूर ने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई अपने भाईयों के साथ कैंपियन स्कूल, मुंबई और उसके बाद आगे की पढ़ाई मेयो कॉलेज अजमेर से पूरी की। 
शादीः
ऋषि कपूर की शादी बॉलीवुड अभिनेत्री नीतू कपूर से हुई है। बता दें, ऋषि कपूर और नीतू ने शादी से पहले एक दूसरे को पांच साल तक डेट किया उसके बाद वे शादी के बंधन में बंध गए। ऋषि कपूर के दो बच्चे हैं। रणबीर कपूर और रिधिमा कपूर। रणबीर कपूर अपने पिता ऋषि कपूर की तरह बॉलीवुड के चॉकलेटी हीरो हैं। ऋषि कपूर की बेटी रिधिमा की शादी बिजनेस मैन भारत साहनी से हुई है। बॉलीवुड की लीडिंग एक्ट्रेस करीना कपूर और करिश्मा कपूर ऋषि कपूर की भतीजी हैं। 
फ़िल्मी करियरः
फ़िल्मी परिवार से होने के कारण ऋषि कपूर हमेशा से ही फिल्मों में अभिनय करने की रूचि रखते थे। ऋषि कपूर ने बॉलीवुड में 1970 में अपने पिता की फिल्म 'मेरा नाम जोकर' से डेब्यू किया थ। इस फिल्म में ऋषि ने अपने पिता के बचपन का किरदार निभाया था। ऋषि कपूर ने बॉलीवुड में बतौर एक्टर 1973 में फिल्म बॉबी से किया था। इस फिल्म में उनके अपोजिट डिंपल कपाड़िया थीं। 
ऋषि कपूर ने अपने करियर में 1973-2000 तक 92 फिल्मों में रोमांटिक हीरो का किरदार निभाया है।  इन्होने बतौर सोलो लीड एक्टर 51 फिल्मों में अभिनय किया है। ऋषि कपूर अपने जमाने के चॉकलेटी हीरोज में से एक थे। उन्होने बॉलीवुड की कई रोमांटिक हिट फ़िल्में दीं। ऋषि ने अपनी पत्नी के साथ 12 फिल्मों में अभिनय किया है। 
अभिनय की दुनिया में तहलका मचाने के बाद ऋषि ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने 1998 में अक्षय खन्ना और ऐश्वर्या राय बच्चन अभिनीत फिल्म आ अब लौट चलें निर्देशित की।
ऋषि कपूर ने अपने करियर की शुरुआत से हमेशा ही रोमांटिक किरदार को निभाया था, लेकिन फिल्म अग्निपथ में उनके खलनायक के किरदार को देख सभी हतप्रभ रह गए। ऋषि को फिल्म अग्निपथ के लिए आईफ़ा बेस्ट नेगेटिव रोल के अवार्ड से भी नवाजा गया।
साभार- एफबी

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दशहरे की सुनहरी यादें : बचपन का एक संस्मरण

 सिमरी बख्तियारपुर,(सहरसा)। सीताराम प्रसाद गुप्ता  समय की धारा बहुत कुछ बहा ले जाती है, लेकिन कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवनभर मन की गहराइयों में तैरती रहती हैं। आज भी जब दुर्गा पूजा के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप सुनाई देती है और हवा में अगरबत्ती की सुगंध घुलती है, तो मेरा मन बरबस पचास वर्ष पीछे लौट जाता है। बचपन का वह सुनहरा समय, जब दशहरा केवल पर्व नहीं बल्कि जीवन का उत्सव हुआ करता था। पिता की दुकान और पूजा का माहौल: मेरे पिता जी की प्रसिद्ध दुकान उस समय इलाके की बड़ी दुकानों में गिनी जाती थी। दुकान का नाम मेरे दादाजी एवं पिताजी के नाम से अमृतलाल सुभूक लाल फार्म का नाम हुआ करता था। इस दुकान में थोक एवं खुदरा किराने की दुकान हुआ करती थी। दशहरा के पूर्व के दुकान का दृश्य अद्भुत होता। —अगरबत्तियों की खुशबू, नारियल, खाद्य सामग्री, तेल, डालडा की न बिक्री जोरों से होती थी। एवं ग्राहक की माँग पूरी करते। हम चारों भाई नन्हें-नन्हें कदमों से दुकान पर चक्कर लगाते रहते। एवं ग्राहकों की भीड़ एवं चहल-पहल को देख विस्मित हो जाते। यह सब हमारे लिए किसी जादुई दुनिया जैसा था। बैलगाड़ी की सजा...

95.2 प्रतिशत अंक लाकर सृष्टि केसरी ने बढ़ाया सिमरीबख्तियारपुर का मान

 सिमरीबख्तियारपुर, सहरसा। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इंटरमीडिएट परीक्षा में नगर परिषद क्षेत्र की प्रतिभाशाली छात्रा सृष्टि केसरी ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन कि या है। सृष्टि की इस शानदार सफलता से पूरे सिमरीबख्तियारपुर सहित आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही परिवार एवं शुभचिंतकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि सृष्टि शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही है तथा उसने लगातार मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उसकी इस सफलता पर स्वजन, रिश्तेदार एवं आसपास के लोग घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। लोगों ने मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। सृष्टि के पिता कंचन कुमार केसरी एवं माता मनीषा देवी ने बेटी की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, लगन एवं आत्मविश्वास के कारण सृष्टि ने यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि बेटी की उपलब्धि पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। सृष्टि ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं शिक्षकों को देते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन से य...

दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जा रहा है, दुर्गा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

 सिमरी बख्तियारपुर, (सहरसा) सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा पूजा का पर्व पूरे हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। मां दुर्गा मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। नगर परिषद क्षेत्र के मुख्य बाजार स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर, स्टेशन परिसर और पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर में मेला जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी दुर्गा स्थान पर संगमरमर से स्थापित प्रतिमा आकर्षक सजावट के साथ श्रद्धालुओं का मन मोह रही है। वहीं स्टेशन परिसर और पुरानी बाजार में कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ प्रतिमाओं के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए लगातार उमड़ रही है। साथ ही विभिन्न पूजा समितियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।  रेलवे दुर्गा स्थान पर ग्रामीण नृत्य एवं संगीत कार्यक्रम लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। सिर्फ नगर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि प्रखंड के अष्टभुजा दुर्गा मंदिर सरोजा, मटेश्वर धाम कांठो, भोटि...