सहरसा।
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी वार्ड नंबर 17 स्थित एक नए सोखता की सेटिंग खोलने गए तीन मजदूर की सोखता के अंदर दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई है। कहा जा रहा है कि नए सोखता की सेटरिंग को खोलने के लिए पहले सिको मिस्त्री सोखता के अंदर गए हुए थे। काफी देर तक सोखता से बाहर नहीं आने पर एक एक कर के दो मजदूर सिको मिस्त्री देखने के लिए सोखता के अंदर गए जाने के बाद जब काफी देर तक सोखता से वापस बाहर नही आया तो वहां मौजूद लोगों ने उसे सोखता के अंदर बेहोश की हालत में पाया गया। जिसे निकाल कर आनन फानन में तीनों मजदूर को निजी अस्पताल में लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिहलाल सदर थाना पुलिस निजी अस्पताल पहुंच मामले की जांच में जुट गई है ।
सिमरी बख्तियारपुर,(सहरसा)। सीताराम प्रसाद गुप्ता समय की धारा बहुत कुछ बहा ले जाती है, लेकिन कुछ स्मृतियाँ ऐसी होती हैं जो जीवनभर मन की गहराइयों में तैरती रहती हैं। आज भी जब दुर्गा पूजा के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप सुनाई देती है और हवा में अगरबत्ती की सुगंध घुलती है, तो मेरा मन बरबस पचास वर्ष पीछे लौट जाता है। बचपन का वह सुनहरा समय, जब दशहरा केवल पर्व नहीं बल्कि जीवन का उत्सव हुआ करता था। पिता की दुकान और पूजा का माहौल: मेरे पिता जी की प्रसिद्ध दुकान उस समय इलाके की बड़ी दुकानों में गिनी जाती थी। दुकान का नाम मेरे दादाजी एवं पिताजी के नाम से अमृतलाल सुभूक लाल फार्म का नाम हुआ करता था। इस दुकान में थोक एवं खुदरा किराने की दुकान हुआ करती थी। दशहरा के पूर्व के दुकान का दृश्य अद्भुत होता। —अगरबत्तियों की खुशबू, नारियल, खाद्य सामग्री, तेल, डालडा की न बिक्री जोरों से होती थी। एवं ग्राहक की माँग पूरी करते। हम चारों भाई नन्हें-नन्हें कदमों से दुकान पर चक्कर लगाते रहते। एवं ग्राहकों की भीड़ एवं चहल-पहल को देख विस्मित हो जाते। यह सब हमारे लिए किसी जादुई दुनिया जैसा था। बैलगाड़ी की सजा...
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